जीव विज्ञान में हार्मोन्स इन हिन्दी

  • हार्मोन्स– अंत:स्रावी ग्रंथियों (Endocrime Glands) द्वारा स्रवित होते है और रक्त के माध्यम से अपने कार्यकारी अंग तक पहुंचते है।
  • रासायनिक रूप से ये प्रोटीन्स, पेप्टोन्स, पेप्टाइन्स, अमीनोंअम्ल, स्टेरायड प्रकृति के होते है।
  • अंत:स्रावी गंथियाँ को नलिका विहीन (Duct less) ग्रांथिया कहते है।
  • अन्त:स्रावी ग्रंथि – यह नलिका विहीन ग्रंथि होती है। इससे हार्मोन का स्राव होता है। यह हार्मोन रक्त प्लाज्या के द्वारा शरीर के विभिन्न भागों में जाता है। जैसे- पिट्यूटरी ग्रंथि, थायराइड ग्रंथि तथा एड्रीनल ग्रंथि।
  • पीयूष ग्रंथि (Pitutiary Gland) – यह ग्रंथि मस्तिष्क में होती है। – पीयूण ग्रंथि को मास्टर ग्रंथि (Master gland) भी कहते है।
  • थायराइड ग्रंथि – यह ग्रंथि गले में स्थित होती है।
  • पीनियल कॉम– यह ग्रंथि मस्तिष्क में स्थित होती है।
  • पैराथायराइड -ग्रंथि थायराइड में धंसी एवं गले में स्थित होती है।
  • थाइमस ग्रंथि– यह ग्रंथि वक्ष में स्थित होती है।
  • एड्रीनल ग्रंथि -उदर में स्थित होती है।

प्रमुख हार्मोन्स

हार्मोन्स का अध्ययन Endocrinology में किया जाता है। इस विज्ञान के जनक एडीसन है। अन्त: स्रावी ग्रन्थियों से निकलने वाले स्राव को हार्मोन्स कहते है। जो सीधे रक्त में मुक्त होकर सारे शरीर में फैलते है। हार्मोन शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग स्टारलिंग ने किया था (1905 में)। हार्मोन की गडबडियों से Functional Diseases होती है। कुछ प्रमुख हार्मोन निम्न है।

  1. वेसोप्रोसिन या ADH- (एन्टी डाइयूरेटिक हार्मोन)- पीयुष ग्रंथि (मास्टर ग्रंथि) के पश्च पालि से स्रावित, इसकी कमी से मूत्र पतला व रूधिर गाढ़ा हो जाता है।
  2. आक्सीटोसिन – पिटोसिन-पीयुष ग्रंथि से स्रावित, प्रसव पीडा व दूध निकालनेे में मदद करता है। वर्तमान में गाय, थैली के थनो से दूध उतारने के लिये, चूजो, बकरी के बच्चो, सब्जियो आदि को बड़ा करने के लिए कन्जेक्शन के रूप में उपलब्ध, प्रतिबंधित है। शिशु का अपनी माँ को चूमना, गले लगना, प्यार करना इसी हार्मोन की वजह से। मानवीय संबंधी वाला हार्मोन कहते है।
  3. S.T.H या वृद्धि हार्मोन – (Somatotropic hormone) शरीर विशेष कर हडिडयों की वृद्धि से सम्बन्धित। कमी से बौनापन (Dwarfism) अधिकता से भीमकायता (Gigantism) कभी-कभी कुबड़ापन (Kyphosus) भी।
    थाइरॉक्सिन- सबसे बड़ी अन्त:स्रावी Thyroid से स्रावित, आयोडीन (100 M1 में लगभग 0.3) होता है। मेटावोलिज्म नियन्त्रक जल नियन्त्रक, जनन अंगो के सामान्य कार्य यही करता है। कमी से हाशीमोटी (Suicide og thyroid)
  4. ग्लूकोकॉर्टिकोएड्स – एड्रीनल कॉर्टेक्स से स्रावित प्रमुख कार्य ग्लाइकोजेनेसिस, ग्लूकोज का निर्माण, जल का वितरण है।

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Tags : आक्सीटोसिन, ग्रंथि, हार्मोन्स
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