पर्यावरण अध्ययन

पर्यावरण शिक्षा की आवश्यकता एवं महत्व- importance of environmental

पर्यावरण शिक्षा की आवश्यकता एवं महत्व को निम्नलिखित रूपों में स्पष्ट किया जा सकता है- पर्यावरण का मानव के सभी पहुलओं पर प्रभाव होता है। उनका मानव जीनव के विभिन्न रूपो पर प्रभाव एवं महत्व होता है जिससे मावन अपने जीवन के स्थापन को सन्तुलित रूप में रख सके। पर्यावरण पर प्रभाव मानवीय जीवन के […]

पर्यावरण के प्रकार -Type of environment

विशेषज्ञों ने पर्यावरण के कई प्रकार बतायें है। कर्ट लेविन ने जीवन विस्तार के संदर्भ में पर्यावरम को तीन प्रकार का बताया है जो व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है, जबकि प्रो. एस. एस. कायस्थ के अनुसार पर्यावरण प्रकार का होता है क्रियात्मक कार्यात्मक व्यवहारात्मक भौगोलिक बाह्रा पर्यावरण प्रमुख रूप से तीन रूपों में विद्दमान […]

पर्यावरण तथा उसका महत्व-Environment and its importance

पर्यावरण या वातावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – परि+आवरण। परि =चारों तरफ, आवरण = ढके हुए। अर्थात मानव के चारो ओर फैले हुए वातावरण को पर्यावरण में ही रहता है। पर्यावरण द्वारा वह वैयक्तिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में विकास करता है। यदि उसे अच्छा वातावरण नहीं दिया जाए तो वह आदर्श मानव […]

पर्यावरण विधियाँ

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पर्यावरण अध्ययन

पर्यावरण या वातावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – परि + आवरण| परि = चारो  तरफ, आवरण = ढके हुए। अर्थात मानव के चारो ओऱ फैसे हुए वातावरण को पर्यावरण की परिधि में माना जाता है। मानव जन्म से मृत्यु- पर्यन्त पर्यावरण में ही रहता है। पर्यावरण द्वारा वह वैयक्तिक एवं सामाजिक क्षेत्रों […]

पर्यावरण अध्ययन

पर्यावरण एक बहुआयामी विषय है। आज भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में पर्यावरण अध्ययन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। हमारा देश भी इस क्षेत्र में अग्रणी है इसके सार्वभौतिक महत्त्व को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने स्नातक स्तर पर इस पाठ्यक्रम को अनिवार्य कर दिया है। महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ में सत्र […]