बायोग्राफी

1. 2020 यीशु मसीह के गाने जीवन परिचय वचन बाइबल प्रभु हिन्दी कहानी

1 – यीशु मसीह के गाने (Jesus Christ new song 2020)

  1. परमेश्वर देहधारी हुआ, आम इन्सान बना।इस इंसां ने परमेश्वर के कार्य,
    आदेश को स्वयं पर लिया।
  2. परमेश्वर के कामों में महानतम है,वो काम जो करता है देहधारी परमेश्वर।
    परमेश्वर के कामों में गहनतम है,वो काम जो करता है देहधारी परमेश्वर।
  3. कोई न जाने परमेश्वर के आगमन को,कोई नहीं करता स्वागत परमेश्वर के आगमन का। यहाँ तक कि, कोई नहीं जानता वह सब जो करेगा परमेश्वर।
  4. जिस पल रोते हुए दुनिया में आते हो तुम,उस पल से अपना काम करना शुरू कर देते हो तुम।
  5. ईश्वर व्यावहारिक ईश्वर है।उसका सारा कार्य, सब वचन,सच्चाई जो उसने व्यक्त की, व्यावहारिक हैं।
    ऐसे बहुत से यीशु मसीह के गाने जो 2020 में मिल जाएं।

2 – यीशु मसीह का जीवन परिचय (prayer god 2020)

ईसा मसीह का जीवन परिचय : यीशु मसीह का जन्म – – जन्म‎: ‎6 ई.पू.(संभवत) पूर्व 25 दिसम्बर को ईसा मसीह का जन्म यरुशलम के बेतलहम नामक गाँव में हुआ था| ईसा मसीह के पिता का नाम जोसफ था और ईसा मसीह की माता का नाम मैरी था.और
यीशु मसीह के बारे में तो पता नहीं क्योंकि बहुत पुरानी बाते है। जो अगर-2 यीशु के बारे में बताते है।

3- प्रभु यीशु के जीवन से जुड़ी 4 प्रमुख घटनाएं

  1. कुंवारी लड़की के गर्भ से हुआ था यीशु का जन्म
  2. मृत्यु के तीन दिन बाद पुनर्जीवित हो गए थे यीशु
  3. यीशु के शिष्य ने ही किया था विश्वासघात
  4. विद्दवान यूहन्ना से दीक्षा ली थी यीशु ने

4 – यीशु मसीह के वचन (Words of jesus christ)

  • रचंड आग है परमेश्वर जो नहीं करता अपराध सहन।
    दख़लंदाज़ी करे या आलोचना करे उसके काम और वचन की,
    ये हक नहीं है इंसान को,
    चूँकि उसने बनाया है इंसान को,
    उनका पालन करना चाहिये इंसान को, इंसान को।
    परमेश्वर प्रभु है, सृजन का प्रभु है,
    अपने लोगों पर शासन करने, प्रयोग में लाता है अपने अधिकार को।
    हर प्राणी को इसका पालन करना चाहिये,
    वो जो कहता है उसे श्रद्धा से करना चाहिये,
    कोई तर्क या विरोध नहीं करना चाहिये।
  • हालाँकि निर्लज्ज हो, ढीठ हो तुम,
    नाफ़रमानी करते हो परमेश्वर के वचनों की तुम लोग,
    तुम्हारी विद्रोहशीलता को सहता है वो,
    मल में कुलबुलाते भुनगों से बेपरवाह,
    काबू में रखकर अपने क्रोध को,
    काम करता रहेगा वो, काम करता रहेगा वो।
  • परमेश्वर की इच्छा की ख़ातिर
    अपने कथनों की पूर्णता तक,
    अपने आख़िरी पल तक,
    उन चीज़ों को सहता है, जिनसे नफ़रत करता है परमेश्वर।
    परमेश्वर प्रभु है, सृजन का प्रभु है,
    अपने लोगों पर शासन करने, प्रयोग में लाता है अपने अधिकार को।
    हर प्राणी को इसका पालन करना चाहिये,
    वो जो कहता है उसे श्रद्धा से करना चाहिये,
    कोई तर्क या विरोध नहीं करना चाहिये,
    नहीं करना चाहिये, नहीं करना चाहिये।

5 -यीशु मसीह बाइबल कहानी (Bible story)

यीशु के जन्म से लेकर उसकी मौत तक

मै आपको नए पर साल 2020 के दिसम्बर के महीने पर परमेश्वर ने जिब्राईल नाम के एक स्वर्गदूत को एक अच्छी स्त्री मरियम के पास भेजा। जिब्राईल ने उसे बताया कि उसके एक बेटा होगा, जो राजा बनकर हमेशा तक राज करेगा। यह बच्चा कोई और नहीं, यीशु था। उसका जन्म एक अस्तबल में हुआ, जहाँ उसे देखने के लिए चरवाहे आए। कुछ समय बाद एक तारा देखकर पूरब दिशा से कुछ और लोग भी उसे देखने आए। आखिर किसने उन लोगों को वह तारा दिखाया? और जब यीशु को मारने की कोशिश की गयी, तो उसे कैसे बचाया गया? इन सब बातों के बारे में हम आगे पढ़ेंगे।

फिर हम देखेंगे कि कैसे यीशु ने 12 साल की उम्र में मंदिर में टीचरों से बात की। उसके 18 साल बाद यीशु का बपतिस्मा हुआ। तब उसने राज्य का प्रचार काम और लोगों को सिखाने का काम शुरू किया। इसी काम के लिए परमेश्वर ने उसे धरती पर भेजा था। इस काम में उसका हाथ बँटाने के लिए उसने 12 आदमियों को चुना और उन्हें अपना प्रेरित बनाया।

यीशु ने कई चमत्कार भी किए। जैसे, उसने कुछ छोटी मछलियों और थोड़ी-सी रोटियों से हज़ारों लोगों को खाना खिलाया। बीमार लोगों को ठीक किया, यहाँ तक कि मरे हुओं को भी ज़िंदा किया। इस सब के बाद हम यह जानेंगे कि यीशु के जीवन के आखिरी दिन उसके साथ क्या-क्या हुआ और उसे कैसे मार डाला गया। यीशु ने करीब साढ़े तीन साल तक प्रचार किया। भाग 6 में करीब 34 साल के दौरान हुई घटनाओं के बारे में बताया गया है।
यीशु सिखा रहा है

6 – यीशु मसीह की आराधना कैसे करें (prayer god)

  1. को. आराधना हम यीशु की करे
    सुख की छाया दुःख की घड़ी
    हर पल उसीही में जिए … आराधना हम यीशु की करे।
  2. दुःख में सदा साथ रहता है वो, हाथ में हरदम उठाता है वो दिल के सदा पास रहता है वो, दास में हरदम मसीहा है वो।
  3. पापोंसे हम को बचाता है वो, अपने पापोंसे तुम भी बचो सैतान से हम को बचाता है वो, जगत की सैतान से तुम भी बचो।
  4. यीशु ने कितने दुःख है सहे, कोड़े खाए और भूखे रहे उसने हमारे पापों के लिए, खिले ठुकवायें दुःख सहते हुए।

 

7 – यीशु  ईसा मसीह के हिन्दी गाने mp3 (Hindi songs of jesus christ 2020)

 

8 – यीशु भगवान का वीडियो (Video of jesus god 2020)

9 जीसस  परमेश्वर (Jesus god) का वचन इन हिंदी (in hindi)

1 – मैं तुम्हे एक नया आदेश देता हूँ कि एक दूसरे से प्रेम करों, जैसे मैने तुमसे प्रेम किया है
2 – मनुष्य को सिर्फ रोटी के लिए नहीं जीना चाहिए, बल्कि ईश्वर के मुख से निकले हुए हर शब्द के मुताबिक जीना चाहिए
3 – जिस प्रकार पिता ने मुझसे प्रेम किया है, उसी तरह मैने तुमसे प्रेम किया है।

10 -प्रभु येशु (ईसा मसीह ) जन्म की कहानी (2020)

– प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जाता है। सभी ईसाइयों का सबसे अधिक महत्वपूर्ण त्योहार हैं क्रिसमस, जिसका शाब्दिक अर्थ है क्राइस्ट्स मास। ईसा के जन्म सम्मान में की जाने वाली सामूहिक प्रार्थना। वास्तव में यह मात्र प्रार्थना न होकर एक बड़ा त्योहार है।

यीशु या यीशु मसीह[10] (इब्रानी :येशुआ; अन्य नाम:ईसा मसीह, जीसस क्राइस्ट), जिन्हें नासरत का यीशु भी कहा जाता है, ईसाई धर्म के प्रवर्तक हैं।[11] ईसाई लोग उन्हें परमपिता परमेश्वर का पुत्र और ईसाई त्रिएक परमेश्वर का तृतीय सदस्य मानते हैं। ईसा की जीवनी और उपदेश बाइबिल के नये नियम (ख़ास तौर पर चार शुभसन्देशों: मत्ती, लूका, युहन्ना, मर्कुस पौलुस का पत्रिया, पत्रस का चिट्ठियां, याकूब का चिट्ठियां, दुनिया के अंत में होने वाले चीजों का विवरण देने वाली प्रकाशित वाक्य) में दिये गये हैं। यीशु मसीह को इस्लाम में ईसा कहा जाता है, और उन्हें इस्लाम के भी महानतम पैग़म्बरों में से एक माना जाता है। मृत्यु‎: ‎30-36 ई.पू , -जन्म भूमि‎: ‎बेथलेहेम, – पूरा नाम‎: ‎ईसा मसीह

 

11 – इमेज वॉलपेपर ईसा मसीह (Wallpaper jesus christ hd)

जीसस वचन हिंदी इमेजेज

जीसस इमेजेज, christian wallpaper hd

 

शायरी यीशु मसीह 2020

  • तेरी मोहब्बत ने मुझे तेरा बनाया
    तेरे बचनों ने मुझे जीना सिखाया
    अब कोई गम है ना कोई शिकवा
    क्योंकि ए मसीह अब मुझे तु मिल गया

यीशु मसीह की सुबह की  प्रार्थना कैसे करें (prayer god of church)

चंगाई प्रार्थना

Christian Church (चर्च)

ईसाई पूजा में उपयोग की जाने वाली इमारतों के लिए, चर्च (भवन)। एक व्यक्तिगत चर्च के लिए, चर्च (मण्डली) देखें। 
व्यक्तिगत चर्चों के बीच संगठन और संबंधों की चर्चा के लिए, ईसाई संप्रदाय देखें। अन्य उपयोगों के लिए, क्रिश्चियन चर्च
वह क्रिश्चियन चर्च, जिसे पवित्र कैथोलिक चर्च भी कहा जाता है। एक ईसाई चर्च है जिसमें सभी ईसाई शामिल हैं। इस समझ में, 
"क्रिश्चियन चर्च" या "कैथोलिक चर्च" एक विशेष ईसाई संप्रदाय का उल्लेख नहीं करता है, लेकिन सभी "विश्वासियों" के "शरीर",
 दोनों को विभिन्न तरीकों से परिभाषित किया गया है। अन्य ईसाई परंपराओं का मानना ​​है कि ये शर्तें केवल एक विशिष्ट ठोस ईसाई 
संस्थान पर लागू होती हैं, जैसे कैथोलिक चर्च, पूर्वी रूढ़िवादी चर्च, ओरिएंटल रूढ़िवादी चर्च या पूर्व के असीरियन चर्च; या संस्थानों के
 एक समूह के लिए, जैसा कि कुछ एंग्लिकन द्वारा पढ़ाए गए शाखा सिद्धांत में है।