19 वाँ SCO शिखर सम्मेलन

किर्गस्तान की राजधानी बिश्केक में 13-14 जून, 2019 को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 19वाँ शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें भारत सहित सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सम्मेलन में भाग लिया, और एशियाई क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे आतंकवाद पर अपनी चिन्ता भी जाहिर की।

19 वें शिखर सम्मेलन में सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद के खिलाफ लडाई हेतु एक साथ आने पर जोर दिया।

जुलाई, 2015 के बाद यह पहला मौका था, जब भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्धिपक्षीय वार्ता के लिए एक सात ही एक ही मंच पर मौजूद थे।

चीन ने अमेरिका की व्यापार संरक्षणवाद नीति तथा प्रशुल्क को एक हथियार के रूप में प्रयोग करने पर चिन्ता जाहिर की।

सदस्य देशों ने वैश्विक समुदाय से यह अपील भी की वे अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन पर आम राय बनाने की दिशा में काम करें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्धिपक्षीय वार्ता की। इस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शी जिनपिंग को दोनों देशों के सम्बन्धों से अवगत कराया और जिनपिंग भी इस बात से सहमत हुए कि दोनों देशों को सम्ब्द मजबूत करने की आवश्यकता है।

बिश्केक घोषणा- पत्र—-

1. घोषणा-पत्र में आतंकवाद औऱ उसकी विचारधारा का सफाया करने के लिए व्यापक रूप से कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया है।
2. आंतकवाद का मुकाबला करने के लिए SCO सदस्य देशों की रीजनल एण्टी-टेररिस्ट स्ट्रक्चर को व्यापक और कारगर बनाने का निश्चय किया गया है।
3. भारत के इस सुझाव का भी समर्थन किया गया कि आंतकवाद के खिलाफ सभी की सहमति से एक अन्तर्राष्ट्रीय कानून बनाया जाना चाहिए।
4. घोषणा-पत्र में कहा गया कि किसी भी देश को प्रछन्न युद्ध के रूप में किसी अन्य देश के खिलाप आतंवादियों और मजहबी उग्रवादियों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

5. घोषणा-पत्र में कुछ देशों द्वारा संरक्षणवादी नीतियों के जरिए एकतरफा रूप से विश्व व्यापार को प्रभावित किए जाने की आलोचना की गई।
6. घोषणा-पत्र में चीन की पहल वाली बेल्ट एण्डरोड सम्पर्क परियोजना के बारे में भारत को छोड़कर अन्य सभी सात देशों ने इस परियोजना का समर्थन किया है।

द्धिपक्षीय एजेण्डा—

1.बहुपक्षीय वार्ता के अलावा, शिखर सम्मेलन के मौके पर कई महत्वपूर्ण द्धिपक्षीय बैठकें हुई।
2. भारतीय प्रधानमंत्री ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अफगानिस्तार के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ विचार-विमर्श किया और किर्गिस्तान की द्धिपक्षीय यात्रा को भी जोड़ दिया।

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Tags : SCO सदस्य, अन्तर्राष्ट्रीय कानून, अफगानिस्तार के राष्ट्रपति, किर्गस्तान की राजधानी, शिखर सम्मेलन के मौके