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Saturday, April 13, 2019

varsha kee boonde golaakaar kyu hotee hai वर्षा की बूंदे गोलाकार होती है


  • हवा में लोहे औऱ लकड़ी की समान भार की गेंद को समान ऊॅचाई से गिराने पर.......लकड़ी की गेंद बाद में गिरेगी।
  • किसी पिण्ड का भार..........ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है
  • भारहीनता होती है.................गुरूत्वाकर्षण घटना है
  • यदि पृथ्वी का गुरूत्वाकर्षण बल अचानक लु्प्त हो जाता है, परिणाम सही होगा?...........वस्तु का भार शून्य हो जाएगा परंतु द्व्यमान वही रहेगा
  • किसी लिप्ट में बैठे हुए व्यक्ति को अपना बार कब अधिक मालूम पडेगा............जब लिप्ट त्वरित गति से ऊपर जा रही हो
  • एक लकड़ी झूले पर बैठी स्थिति में झूला झूल रही है। उस लकड़ी के खडे हो जाने पर प्रदेल आवर्तकाल.......कम हो जाएगा
  • चन्द्रमा पर वायुमंडल नहीं होने का क्या कारण है?.........इस पर गैस अणुओं का पलायन वेग उनके वर्ग माध्य मूल वेग से कम होता है
  • वर्षा की बूंद की गोलाकार आकृति का कारण है.............पृष्ट तनाव
  • वर्षा की बूंदे गोलाकार होती है, क्योंकि.....जल में पृष्ठ तनाव होता है
  • तेल जल के तल पर फैल जाता है, क्योकि............तेल का तल तनाव, पानी से कम है।
  • साबुन के बुलबले के अन्दर का दाब.........वायुमण्डलीय दाब से अधिक होता है।
  • जब किसी झील की तली से उठकर वायु बुलबुला ऊपरी सतह तक आएगा तो उसका आकार...............बढ़ जाएगा
  • वस्तु की मात्रा बदलने पर अपरिवर्तित रहेगा...................घनत्व 
  • लोहे की कील पारे पर क्यो तैरती है, जबकि वह पानी में डूब जाती है.................लोहे का घनत्व पानी से अधिक है तथा पारे से कम

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