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Saturday, August 24, 2019

Heart (दिल) के लिए अचछी है बीयर (bear) | बीमारी के लिए क्या करे kya kare

Heart (दिल) के लिए अचछी है बीयर (Bear) | बीमारी के लिए क्या करे kya kare

 

Dil ki बीमारी के लिए क्या करे kya kare
Dil ki बीमारी के लिए क्या करे kya kare

 

जो लोग हर रोज एक पाइंट बीयर (bear) पीते हैं, उन्हें एक शोध के अनुसार दिल (Heart) की बीमारी होने का खतरा बीस प्रतिशत तक कम हो सकता हैं। एक पाइंट यानि करीब आधा लीटर बीयर।

हार्वर्ड  मेडिकल स्कूल में हुए इस शोध के लिए 15 हजार लोगों की शराब पीने की आदतों का अध्ययन किया गया। इसमें महिला और पुरूष दोनों शामिल हैं, जहां पुरुषों में दिल के दौरे का खतरा 20 प्रतिशत कम पाया गया, वहीं महिलाओं में 16 प्रतिशत। 


जिन लोगो पर शोध किया गया उनकी उम्र फिलहाल 45 से 64 के बीच है। साल 1987 से 1989 के बीच इन्हें शोध के लिए चुना गया था।

2011 तक तीन साल के अंतराल पर इनसे सवाल किए गए। इस लिहाज के डाॅक्टरों के पास इनकी जवानी के दिनों का भी डाटा उपलब्ध हैं।

इस बात पर नजर रखी गयी कि एक हफ्ते में कोई भी कितने ग्राम अल्कोहल का सेवन करता है। 14 ग्राम अल्कोहल को एक ड्रिंक की इकाई बनाया गया। यानि वाइन का एक छोटा ग्लास या फिर आधा पाइंट बीयर (bear) या व्हिस्की और वोदका का एक शाॅट।

शोध में हिस्सा लेने वालों को छह ग्रुपो में बांटा गया। पहला ग्रुप जो बिल्कुल भी शराब का सेवन नहीं करता, दूसरा जो किया करता था और अब छोड़ चुका है, तीसरा ग्रुप उन लोगो का रहा जो एक हफ्ते में एक से ले कर सात ड्रिंक्स पीते। इसके बाद सात से 14 ड्रिंक वाला ग्रुप, 14 से 21 ड्रिंक वाला और आखिरी ग्रुप 21 से ज्यादा ड्रिंक लेने वाला।


शोध के दौरान 1271 पुरुषों और 1237 महिलाओं को दिल का दौरा पड़ा। सबसे कम दिल की समस्या उन लोगों को हुई जो एक से सात ड्रिंक लिया करते थे और सबसे ज्यादा समस्या उनसें पाई गयी जो पहले शराब पीते थे और छोड चुके थे। इस ग्रुप के पुरुषों मे दिल के दौरे का खतरा अन्य लोगों की तुलना में 19 फीसदी ज्यादा था, जबकि महिलाओं में 17 फीसदी।

जब रिसर्चरों ने लोगो की मौत के कारण पर ध्यान दिया तो पाया कि जो लोग अत्याधिक शराब पीते है उनकी मौत जल्दी होती है। 21 से ज्यादा ड्रिंक लेने वाले लोगों की अलग अलग कारणों से मौत हुई   यानि इन्हें हर किस्म की बीमारी का खतरा औरों से ज्यादा रहा।

रिसर्च करने वाले डाॅक्टर स्काॅट सोलोमन ने इस बारे में कहा, ' इस शोध से पता चलता है कि अगर आप सीमा में रह कर शराब का सेवन करते हैं, तो वह आपके दिल को नुकसान नहीं पहुंचाती, ब्लकि कई मायनो में वह फायदेमेंद साबित हो सकती है। साथ हो चेतावनी देते हुए उन्होंने यह भी कहा, ' अगर आप बहुत ज्यादा मात्रा में शराब पी रहे हैं, तो किसी भी कारण से मौत का खतरा बढ़ जाएगा।

हाल ही में हुए एक अन्य शोध में दफ्तर में लंबे समय तक काम करने को शराब की आदात से जोड़ कर देखा गया था। फ्रांस में हुए इस शोध के लिए चार लाख से भी ज्यादा लोगों के आंकड़े जमा किए गए थे और यह निषकर्ष निकाला गया था कि जो लोग एक हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम करते है, उनके शराब ज्यादा पीने का खतरा है, जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। यूरोपीय संघ के नियमों के अनुसार हफ्ते में अधिकतर 48 घंटे ही काम करने की अनुमति है। 

Wednesday, August 21, 2019

Historical sources of indian | archaeological हिन्दी (hindi)


इतिहास Historical Source Part 1


Historical  sources of indian | archaeological  हिन्दी (hindi)
Historical  sources of indian | archaeological  हिन्दी (hindi)


Historical Source ऐतिहासिक स्रोत (जिसे ऐतिहासिक सामग्री या ऐतिहासिक डेटा के रूप में भी जाना जाता है) मूल स्रोत है जिसमें महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी होती है। ये स्रोत कुछ ऐसे हैं जो हमें इतिहास के बारे में सबसे बुनियादी स्तर पर सूचित करते हैं, और ये स्रोत इतिहास का अध्ययन करने के लिए सुराग के रूप में उपयोग किए जाते हैं।


Historical Source ऐतिहासिक स्रोतों में दस्तावेज़, कलाकृतियाँ, पुरातात्विक स्थल, सुविधाएँ शामिल हैं। मौखिक प्रसारण, पत्थर के शिलालेख, चित्र, रिकॉर्डेड ध्वनियाँ, चित्र (चित्र, गति चित्र), और मौखिक इतिहास। यहां तक ​​कि प्राचीन अवशेष और खंडहर, मोटे तौर पर बोल, ऐतिहासिक स्रोत हैं। 

इतिहास (ग्रीक ίορία से, जिसका अर्थ है) एक सीखने या पूछताछ से जानना ’) मोटे तौर पर अतीत को सामान्य रूप से इंगित करने के लिए लिया जा सकता है लेकिन आमतौर पर उस बिंदु से अतीत के अध्ययन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिस पर लिखित स्रोत थे। 


Historical Source ऐसी बाधाएँ हैं जो इसे बनाती हैं इसलिए हमारे पास अतीत का एक स्पष्ट, अबाधित दृष्टिकोण नहीं है। सबसे पहले, हमें यह याद रखना होगा कि हर किसी को - न केवल हमें, बल्कि पूरे इतिहास के लोगों को - उनकी परवरिश और समाज और समय के अनुसार वे आकार में हैं और हमें अपने स्वयं के लेबल और मूल्यों को पिछले समय पर नहीं रखने के लिए सावधान रहने की आवश्यकता है । 



दूसरे, अतीत के बारे में हमारा नज़रिया उन चीज़ों से बना है, जो किसी भी तरह समय की कसौटी पर खरी उतरती हैं, जो हमारे समय से पहले लोगों द्वारा किए गए संयोग और फैसलों के कारण है। तो, हम केवल एक खंडित, विकृत दृश्य प्राप्त करते हैं; यह बहुत ही अजीब आकार और लापता टुकड़ों के साथ एक पहेली को पूरा करने की कोशिश करने जैसा है


sources of indian history 

 

साहित्यिक और पुरातात्विक रिकॉर्ड दो मुख्य श्रेणियां हैं जो प्राचीन भारतीय इतिहास का प्रमाण देती हैं। साहित्यिक स्रोत में वैदिक, संस्कृत, पाली, प्राकृत, और अन्य विदेशी खातों के साथ साहित्य शामिल हैं


archaeological sources of indian history


फिर भी ऐसे स्रोत हैं जिनसे इतिहास लिखा गया है। इन स्रोतों को दो मुख्य समूहों में विभाजित किया गया है। वे पुरातात्विक और साहित्यिक हैं। पुरातत्व स्रोत को फिर से तीन समूहों में विभाजित किया जा सकता है, अर्थात्, पुरातात्विक अवशेष और स्मारक, शिलालेख और सिक्के।
  • नंयनार कौन थे - शैव
  • भागवत धर्म के प्रवर्तक थे - कृष्ण
  • वह प्राचीन स्थल जहाँ 60,000 मुनियों की सभा में संपूर्ण महाभारत - कथा का वाचन किया गया था, है - नैतिषारण्य
  • उज्जैन का प्राचीनकाल में नाम क्या था? - अवंतिका
  • पाटलिपुत्र के संस्थापक थे - उदयिन
  • विश्व का पहला गणतंत्र वैशाली में किसके द्वारा स्थापित किया गया - लिच्छवी
  • महाभारत के अनुसार उत्तरी पांचाल की राजधानी स्थित थी - अहिच्छत्र में
  • मगध की राजधानी कौन- सी थी?  - राजगृह
  • प्रथम भारतीय साम्राज्य स्थापित किया गया था - चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा
  • कौटिल्य प्रधानमंत्री थे  - चंद्रगुप्त मौर्य के
  • कौटिल्य का अर्थशास्त्र है, एक  -- शासन के सिद्धांतो की पुस्तक
  • चाणक्य अपने बचपन में किस नाम से जाने जाते थे? - विष्णुगुप्त
  • बुलंदीबाग प्राचीन स्थान था - पाटलिपुत्र का
  • अशोक ने बौद्ध होते हुए भी हिंदू धर्म में आस्था नहीं छोडी इसका प्रमाण - देवनामप्रिय की उपाधि
  • सार्थवाह किसे कहते थे - व्यापारियों के काफिले को
  • सारनाथ स्तंभ का निर्माण किया था - अशोक ने 
  • अशोक के शिलालेखो को सर्वप्रथम किसने पढ़ा था? - जेम्स प्रिंसेप
  • ब्राह्मी लिपि को सर्वप्रथम किसने पढ़ा ? - जेम्स प्रिंसेप
  • कालसी प्रसिद्ध है -  अशोक के शिलालेख के कारण

Thursday, August 15, 2019

संधि peace treaty संस्कृत हिन्दी में | sandhi kitne prakar ki hoti hai hindi me | रस, छन्द, रचना संसार


संधि peace treaty संस्कृत हिन्दी में | sandhi kitne prakar ki hoti hai hindi me

peace treaty संस्कृत हिन्दी में
peace treaty संस्कृत हिन्दी में

 


  • मुख्य रूप से संधियों कितने प्रकार की होती है? - तीन
  • संरोज में किसी कौन सी संधि है - विसर्ग संधि
  • संधि को खंडित करने की प्रक्रिया कहलाती है - संधि विच्छेद 
  • स्वर संधि के कितने भेद होते है? - पांच
  • विद्दार्थी में किस प्रकार की संधि है? - यण संधि
  • चंद्रोदय में कौन-सी संधि है?- गुण संधि
  • सुरेन्द्र में प्रयुक्त संधि का नाम बताइये?- गुण संधि
  • गायन में कौन-सी संधि है?- अयादि संधि
  • व्यर्थ शब्द में किन वर्गो की संधि हुई है? - इ+अ
  • वीरांगना में किस प्रकार की संधि है? - स्वर संधि
  • घुडदौड का सही संधि विच्छेद है - घोड़ा + दौड़
  • मनोभाव में कौन-सी संधि है? -विसर्ग संधि
  • महोदय का संधि विच्छेद है - महा+ उदय
  • सूर्योदय में किस प्रकार की संधि है - गुण संधि
  • परोपकार में है - गुण
  • राकेश का सही संधि विच्छेद है - राका+ईश
  • स्वागत में किस प्रकार की संधि है? -यण संधि 
  • नीरोग में कौन सी संधि का नाम है - व्यंजन संधि
  • गणेश में कौन सी संधि है - गुण संधि
  • धरेश का सही संधि-विच्छेद है - धरा + ईश
  • उज्जवल का सही संधि विच्छेद है - उत् + ज्वल
  • गिरीश का सही संधि-विच्छेद है - गिरि + ईश
  • स्वाधीन का सही संधि- विच्छेद है - स्व + अधीन
  • रामायण का सही संधि - विच्छेद है  - राम + आयन
  • तरण में कौन सी संधि है? - व्यंजन संधि
  • दुष्ट में कौन सी संधि है? - दु: + अष्ट
  •  दुश्चरित्र में कौन सी संधि है - विसर्ग संधि
  • देवागमन में कौन सी संधि है - दीर्घ संधि
  • परिणाम का संधि विच्छेद है - परि + नाम
  • रूपेन्द्र में कौन-सी संधि है? - गुण संधि
  • तल्लीन शब्द का संधि-विच्छेद होगा - तत् + तीन
  • सदैव शब्द में कौन - सी संधि है - वृद्धि संधि
  • दुराशा का सही संधि विच्छेद है - दु: + आशा
  • जगत् + अम्बा = क्या होगा?- जगदम्बा 

रस in hindi

  • रस का सर्वप्रथम उल्लेख कहां मिलता है? - नाट्यशास्त्र
  • काव्य में रसों की संख्या निर्धारित की गई है - नौ
  • स्थायी भावों की संख्या कुल कितनी है? - नौ
  • शांत रस का स्थायी भाव क्या है - निर्वेद अथवा शम
  • रस के प्रमुख तत्व कुल कितने होते है - चार
  • श्रृंगार रस का स्थायी भाव क्या है? - रति
  • करुण रस का स्थायी भाव बताइयें - शोक
  • कवि बिहारी किस रस के लिए जाने जाते थे - श्रृंगार
  • वीर रस का स्थायी भाव है - उत्साह
  • हिन्दी साहित्य में नौवां रस कौन-सा है? - शांत रस  
  • माधुर्य किस रस का गुण है?  - श्रृंगार
  • उस काल मारे क्रोध के, तन काॅंपने उसका लगा मानो हवा के वेग से, सोता हुआ सागर जगा - रौद्र रस
  • हा राम ! हा प्राण प्यारे जीवित रहूॅं किसके सहारे! उक्त पंक्तियों में कौन-सा रस है - वरुण रस
  • विभाव के कितने भेद है? - दो
  

अलंकार 

 

  • अंलकार सम्प्रदाय का प्रवर्तक किसे माना जाता है?  - भामह
  •  काव्य-शास्त्र का प्रथम सम्प्रदाय कौन है? - अलंकार
  • अलंकारो को कहा जाता है -  भाषा का आभूषण
  • पीपर पात सरसि मन डोला इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है? - उपमा
  • जब शब्द औऱ अर्थ दोनो के सम्मिलिन से काव्य की शोभा बढती है, तब होता है - अर्थालंकार
  • रहित पानी राखिर बिनु पानी सब सून पानी गए न ऊबरै मोती, मामुस, चून - श्लेष
  • सूर सूर तुलसी ससि इस पंक्ति कितने होते है? -अनुप्रास
  • अनुप्रास किस अलंकार के मुख्य भेदो में से एक है? - पाँच
  •   कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय | या खोये बौराय जग या पाये बौराय अलंकार का नाम बताइयें? - यमक
  • चरर मरर खुल गये अरर कौन सा अंलकार - अनुप्रास
  • तीन बेर खाती थीं बे तीन बेर खाती हैं। इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है? - यमक
  • नवल सुन्दर श्याम शरीर में कौन सा अलंकार है? - उल्लेख
  • पूत कपूत तो का धन संचय पूत सपूत तो का धन संचय - लाटानुप्रास
  • कोई चाहे या न चाहे, मूक-सी इस जिन्दमी को, शंख-सा बजना पडेगा। यहां कौन-सा अलंकार है - उपमा
  • प्रभा का सौन्दर्य रति के समान है। यहां साधारण धर्म है - सौन्दर्य
  • नदियाॅं जिनकी यशधारा सी। बहती हैं अब निशि - वासर कौन सा अलंकार है - उपमा 

छन्द 

  • छन्द को एक अन्य नाम से भी जाना जाता है वह है - पिंगल
  • छन्द के प्रमुख अंग कितने हैं? - आठ
  • छन्द की रचना होती है - गणो के समायोजन से
  • एक से 26 वर्ण वाले छन्द कहलाते हैं - साधारण 
  • वर्ण और मात्रा के आधार पर छन्द के कितने प्रकार बतायें गये है?- चार
  • छन्द को कहा जाता है - काव्य की आत्मा
  •  
  • सर्वप्रथम छन्द का उल्लेख कहाॅं मिलता है?  - काव्य की आत्मा
  • चारों चरणों में समान मात्राओं वाले छन्द को क्या कहते है?  -सम मात्रिक छन्द
  • किस छन्द का प्रथम और अंतिम अक्षर एक-सा होता है?- कुणडलियाॅं 
  • चौपाई के हर एक चरण में कितनी मात्राएँ होती है? - 16
  • सुन सिया सत्य असीम हमारी, पूजहि मन कामना तुम्हारी  - चौपाई
  • काव्य में छन्द के कितने प्रकार निर्धारित किये गये है? - 3
  • किस छन्द में दूसरे और चौथे चरण के अन्त में तुक नहीं होता है?  -सोरठा
  • आल्हा में प्रयुक्त छन्द है - मात्रिक
  • छन्द में प्रयुक्त पंक्तियों को क्या कहते है?  -चरण  
  • काव्य छन्द के नाम से जाना जाता है - रोला
  • छप्पय छन्द में कितने चरण होते है - छह  

रचना संसार 

  • नमक का दरोगा किस कथाकार की कहानी है?- मुंशी प्रेमचंद
  • सन् 1972 में समानान्तर कहानी का आन्दोलन किसने चलाया - कमलेश्वर   
  • इतिहास के आँसू के रचयिता कौन थे? - रामधारी सिंह दिनकार 
  • कबीरदास की भाषा थी - सधुक्कड़ी
  • श्रीरामचरितमानस की भाषा क्या है? - अवधी
  • हरिशंकर परसाई की मुख्य विद्दा क्या थी? - व्यंग्य
  • हिन्दी साहित्य की प्रथम कहानी किसे माना जाता है? - इन्दुमती
  • निराला ने किस पत्र का संपादन किया?- मतवाला
  • मुंशी प्रेमचंद के अधूरे उपन्यास का नाम है - मंगलसूत्र
  • जयशंकर प्रसाद की कृति नहीं है - गुनाहों का देवता
  • दिनकर किस रस के कवि माने गये है?  - वीर रस
  • खंड़ी बोली का दूसरा नाम है - कौरवी
  • हिन्दी के प्रथम गद्दकार है- राजा शिवप्रसाद सितोरेहिन्द
  • हिन्दी गद्द का जन्मदाता किसको माना जाता है? - भारतेन्दु हरिशचन्द्र
  • पृथ्वीराज रासो की नायिका कौन है? - पदमावती
  • कबीर की रचनाएँ किस नाम से संकलित है? - बीजक
  • सूरदास के गुरू कौन थे? -  बल्लभाचार्य
  • उत्तर भारत में भक्ति आन्दोलन का प्रचार किसकी प्रेरणा से हुआ? - वैष्णवाचार्य
  • तोड़ती पत्थर कैसी कविता है? - यथार्थवादी
  • अपने-2 राम उपन्याय किसका है? - इलाचन्द्र जोशी
  • हिन्दी भाषा में प्रकाशित पहले पत्र का क्या नाम था? - उदन्त मार्तण्ड  

Saturday, August 10, 2019

Proverbs - मुहावरे या कहावत in hindi | idioms हिन्दी में proverbs for students लोकोक्तियाॅं

Proverbs मुहावरे या कहावत in hindi | idioms हिन्दी में  for students
लोकोक्तियाॅं

 

 

Proverbs - मुहावरे या कहावत in hindi | idioms
Proverbs - मुहावरे या कहावत in hindi | idioms



एक कहावत (लैटिन से: कहावत) Proverbs एक सरल, ठोस, पारंपरिक कहावत है जो सामान्य ज्ञान या अनुभव के आधार पर एक सच्चाई को व्यक्त करती है। नीतिवचन अक्सर रूपक होते हैं और सूत्र भाषा का उपयोग करते हैं।  idioms हिन्दी में सामूहिक रूप से, वे लोकगीतों की एक शैली बनाते हैं। 
30 proverbs

Proverbs कुछ कहावतें एक से अधिक भाषाओं में मौजूद हैं क्योंकि लोग उन्हें अपनी भाषाओं और संस्कृतियों से उधार लेते हैं। पश्चिम में, बाइबिल (नीतिवचन की पुस्तक तक सीमित नहीं है) और मध्ययुगीन लैटिन (इरास्मस के काम से सहायता प्राप्त) ने कहावतों को वितरित करने में काफी भूमिका निभाई है। हालाँकि, सभी बाइबिल की कहावतें एक ही सीमा तक नहीं बांटी गई थीं: hindi proverbs for students एक विद्वान ने उन संस्कृतियों को दिखाने के लिए सबूत जुटाए हैं जिनमें बाइबल "प्रमुख आध्यात्मिक पुस्तक में तीन सौ से लेकर पाँच सौ तक की कहावतें हैं 
30 proverbs




अंग-अंग ढीला होना बहुत थकना
अंगारे उगलना क्रोध की अवस्था में कटु वचन बोलना
अपने पैर कुल्हाडी मारना स्वयं अपने को हानि पहुंचाना
अक्ल का दुश्मन महामूर्ख
अगर-मगर करना टाल मटोल करना
अंगूठा दिखाना देने से मना कर देना
अक्ल का पुतला बहुत बुद्धिमान
अंगारों पर लोटना दुख सहना
अंगारों पर पैर रखना खतरा मोल लेना
अंधेर नगरी खुशामद साधना
अंधे की लकड़ी एकमात्र सहारा
अंगूठा चूमना खुशामद करना
अपना उल्लू सीधा करना स्वार्थ साधना
अंधे की लकड़ी एकमात्र सहारा
अक्ल के  घोड़े दौडाना बहुत सोच-विचार करना
आड़े समय पर काम आना सिफारिश करना
आधा तीतर आधा बटेर बेमेल होना
अपनी खिचड़ी अलग पकाना साथ मिलकर न रहना
ईद का चांद होना बहुत दिनों बाद दिखाई देना
उलट-फेर होना परिवर्तन होना
अपने मुंह मियां मिटठू बनना अक्ल की रोटी खाना
अक्ल चकराना कुछ समझ में न आना
उंगली पर नचाना वश में करना
आठ -2 आंसू रोना बुरी तरह पछतावा करना
आंख में चर्बी छाना मद से अंधा होना
आंखो का कांटा अप्रिय व्यक्ति
उल्टे पांव कांटा रूकावट
उल्टे पांव लौटना तेजी से चलता
कलेजा मुंह को आना दुख से आकुल हो उठना
गड़े मुर्दे उखाड़ना पुरानी विवादास्पद बातो को ताजा करना
छठी का दूध याद आना परेशानी या कष्ट होना
केर-बेर का संग होना विपरीत स्वभाव वालों का एक साथ मिलना
कांटा बोना हानि पहुंचाना
गागर में सागर भरना थोड़े शब्दों में अधिक कहना
गूलर का फूल होना कभी भी दिखाई न देना
घर बसाना विवाह करना
चोर-2 मौसेरे भाई एक पेशे वाले आपस में नाता जोड़ लेते है
छाती पर मूंग दलना सामने ही आपत्तिजनक व्यवहार करना
बाग-2 होना बहुत खुश होना
लट्टू होना रीझना
मुंह में दांत न होना सामर्थ्यहीन होना
फूल सूंघ कर रहना कम खाना
अंधे के हाथ बटेर लगना अयोग्य या अक्षम व्यक्ति को मूल्यवान वस्तु मिलना
भानुमती का पिटारा वह पात्र जिसमे तरह-2 की चीजें हो
गुड़ गोबर कर देना बने हुए काम को बिगाड़ देना
चोर के दाढ़ी में तिनका आपराधी का स्वयं सशंकित होना
चुल्लू भर पानी में डूबना बेहद शर्मिदा होना
घुटने टेक देना हार मान लेना
दाल में कुछ काला होना संदेहजनक बात होना / कुछ गडबड होना
पानी में आग लगाना शांति भंग करना
छक्के छुडाना हराना
जिस पत्तल में खाना उसी में छेद करना धोखा देना
जुबान पर लगाम न होना अनावश्यक रूप से स्पष्टवादी होना
टांग अडाना अवरोध पैदा करना
आंखे चार होना प्यार होना
ढपोर शंख सब संबंध छोड़ देना
तालु में जीभ न लगना चुप न रहना
तीर मारना बड़ा काम करना
तोते की तरह आंखे फेरना पुराने संबंधो को एकदम भुला देना
आकाश-पाताल एक करना बहुत परिश्रम करना


Hindi proverbs for students 

 

द्रौपदी का चीर कभी समाप्त न होना
आग बबुला होना गुस्से से भर उठना
दिल पक जाना अत्यंत पीडित होना
दिन को दिन औऱ रात को रात न समझना कोई बड़ा काम करते समय अपने सुख औऱ आराम का कुछ भी ध्यान न देना
न तीन में न तेरह में किसी काम का न होना
पौ बारह होना लाभ ही लाभ होना
बांसो उछलना प्रसन्न होना
भागीरथ उछलना असाधारण प्रयत्न
मूंछ मुडाना हार मानना
मखमली जूते मारना मीठी बातों से लज्जित करना
सुबह-शाम करना टाल-मटोल करना
कमर कसना तैयार होना
कन्नी काटना बचना
काम कतरना बहुत चालाक होना
कानों काम खबर न होना सभी को पता चलना
काम तमाम करना मार देना
कुत्ते की मौत मरना बुरी मौत मरना
कोल्हू का बैल लगातार काम में लगे रहना
खून खौलना आवेश में आना
जहरीले नाग को सामने देख कर रशिम का खून सूख गया
परीक्षाएं समाप्त होने के बाद सतीश घोड़े बेच कर सोया
आग से घिरी इमारत में फंसे लोगों की जान के पसार का   सोना है
बच्चों की जरा सी शरारत पर विवेक ने घर सिर पर उठा लिया
बेटे की प्रतीक्षा करते-2 मां की... अग्नि परीक्षा देनी पड़ती है
भगवान जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है
उनके आते ही महफिल में.. चार चांद लग गए
मुंशी प्रेमचंद जब लिखते थे तो कलम तोड़ देते थे।
चप्पा -2 छान मारा हर जगह खोजना
दूध के धूले निर्दोष
खतरा मोल लेना अंगारो पर पैर रखना
साॅंप सूंघ जाना निर्जीव होना


लोकोक्तियाॅं (कहावते) -  Proverbs


अधजल गगरी छलकत जाए तुच्छ व्यक्ति अपनी जरा-सी  उपलब्धि इतराने लगता है
अपनी करनी पार उतरनी जैसा कर्म वैसा फल
अब पछताए होते कया जब चिडिया चुग गई खेत क्षति के बाद पछतावा करना व्यर्थ
अपनी-2  ढपली अपना-2 राग मतैक्य का अभाव
अकेला चना भाड़ नहीं फो़ड सकता एक व्यक्ति के प्रयास से कुछ नहीं होता
अंधा बांटे रेवड़ी फिर-2 अपने देय पक्षपात करना
अंधो में काना राजा अयोग्यो-अशिक्षितों के बीच थोडा सा योग्य व शिक्षित व्यक्ति
अंधे के हाथ बटेर लगना अपात्र को सफलता मिल जाना
आम के आम गुठलियों के दाम दोहरा लाभ
आसमान से गिरा खबूर में अटका किसी काम के पूरा होते -2 बाधा पड़ जाना
आप भला तो जग भला अच्छे को सभी अच्छे लगते है
आप डूबे तो जग डूबा बुरा आदमी सब को बुरा कहता है
अंधा क्या चाहे दो आंखे अति आवश्यक वस्तु को पाने की चाहत
ईश्वर की माया, कहीं धूप कहीं छाया विचित्र या विरोधाभासी संयोग
उल्टा चोर कोतवाल को डांटे स्वयं दोषी होकर दूसरे पर दोष मढ़ना
ऊंची दुकान फीका पकवान सिर्फ बाहरी प्रदर्शन, अंदर से खोखला
उल्टे बस बरेली जाना उल्टी बात का होना
ऊंट किस करवट बैठे अनिश्चत की स्थिति
एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा बुरे में बुराई का और बढ़ जाना
एक और एक ग्यारह होते है संगठन में शक्ति है
एक हाथ से ताली नही बजती है एक तरफ से झगड़ा नहीं होता है
एक मछली सारे तालाब को गंदा कर देती है एक गंदा व्यक्ति सब के लिए कष्टप्रद बन जाता है
ऐसे बूढ़े बैल को कौन बांध भुस देय अकर्मण्य व्यक्ति की सहायता कौन करें
ओछी पूंजी खसम को खाय कम पूंजी वाला व्यपारी थोडे दिनों में ही नष्ट हो जाता है
ओस चाटे प्यास नहीं बुझती बहुत थोडी मात्रा से आवश्यकतापूर्ण नहीं होती
कहां राजा भोज कहां गंगू तेजी बेमेल संबंध
कंगाली में आटा गीला एक मुसीबत पर दूसरी मुसीबत आ जाना
काला अक्षर भैेस बराबर अनपढ़ होना
कबाड़ी की छाज पर फूस नहीं जो जिस चीज का व्यापार करता है, उसे खुद प्रयोग नहीं करता
कोयले की दलाली में हाथ काले बुरी संगति से बुराई ही मिलती है
कूद-2 मछली बगुले को खोये जब समय उल्टा आता है तो निर्बल भी बली हो जाते है
गुरू गुड़ चेला चीनी गुरु से चेले का आगे बढ़ जाना
चोर-2 मौसेरे भाई चोरी की माताओं के स्वभाव एक जैसे होते है
चोर की दाढ़ी में तिनका अपराधी सदा शंका से घिरा रहता है
कोठी में अनाज घर में उपवास कृपण व्यक्ति सब कुछ होते हुए भी
जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि कवि की कल्पना वहां तक पहुंच जाती है
नीम-हकीम खतरा ए जान अल्प विद्दा घातक
बिल्ली को पहले ही दिन मारना चाहिए बुरा समय आते ही सचेत हो जाना चाहिए
राम नाम जपना, पराया माल अपना धोखे से धन जमा करना
हाथ कंगन को आरसी क्या प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं
कौड़ी नहीं पास मेला लगे धनाभाव में अच्छी चीज भी खराब लगती है
कौआ चला हंस की चाल दूसरो की नकल पर चलने में असलियत नहीं छिपती
गुड न दें, पर गुड की सी बात तो करे कुछ न दें पर मीठा बोल तो करें
चांद को भी ग्रहण लगता है भले आदमी की बदनामी होना
जस दूल्हा तस बनी बरात जैसे खुद वैसे ही साक्षी संगी
डंडा सब का पीर सख्ती बरतने से लोग काबू में आते है
थका ऊंट सराय ताकता बुरा समय आते ही सचेत हो जाना चाहिए

Wednesday, August 7, 2019

Antonyms - 100 विलोम शब्द हिन्दी में | 1000 antonyms in hindi | Vilom Shabd in Hindi


Antonyms - 100 विलोम शब्द हिन्दी में-1000 in hindi | Vilom Shabd in Hindi




मूक वाचाल
आरंभ अंत
सुपात्र कुपात्र
आयोजन वियोजन
सत्कार तिरस्कार
अल्पसंख्यक बहुसंख्यक
हिंसा अहिंसा
सुर असुर
सकारात्मक नकारात्मक
स्मृति विस्मृति
अपशकुन शकुन
वादी पतिवादी
विस्तार संक्षेप
अद्दतन पुरातन
आदर अनादर
अनुग्रह विग्रह
ज्ञेय अज्ञेय
अर्वाचीन प्राचीन
आकर्षण विकर्षक
गरल अमृत
अनुरक्ति विरक्ति
अर्थ अनर्थ
अकाम सकाम
एकाधिकार सर्वाधिकार
आलोक अंधकार
कनिष्ठ ज्येष्ठ
कृश स्थृल
अनैचित्य औचित्य
वर शाप
श्वास उच्छ्वास
अत्पज्ञ सर्वज्ञ
चिरायु अल्पायु
आसक्त अनासक्त
आदान प्रदान
संशय निश्चय
ऐक्य अनैक्य
उर्वरा ऊसर
इहलोक परलोक
भूषण दिव्य
साक्षर निरक्षर
नैसर्गिक कृत्रिम
उत्थान पतन
अमर मर्त्य
सुकारथ अकारथ
मंडन खंडन
निरूत्साह उत्साह
अनीश्वर ईश्वर
अम्बर अवनि
गरिमा लघिमा
कोलाहल शांति
आरूढ़ अनादृत
उत्तरायण दक्षिणायन
नास्तिक आस्तिक
कलुष निष्कलुप
वक्र ऋतु
अखाद्द खाद्द
उथला गहरा
गमन आगमन
प्रतिघात घात
नीरम रसीला
गौण प्रधान
करुण निष्ठुर
ध्वंस निर्माण
रंक राजा
भोगी योगी
ऋृणात्मक धनात्मक
विनीत धृष्ट
यथार्थ कल्पित
निर्लिप्त लिप्त
वन्द्द निन्द्द
अस्ताचल उदयाचल
भक्षक रक्षक
बदी नेकी
रत विरत
संहारक पालक
सम विषम
दुर्गम सुगम
इतिश्री श्रीगणेश
प्रीति वैर
उग्र सौम्य
अकर्मण्य कर्मण्य
मुक्त ग्रस्त
अगोचर गोचर
कृतध्न कृतघ्न
नमकहराम नमकहलाल
फल कुफल
पाश्चात्य पौर्वाात्य
अनैतिक नैतिक
पारदर्शी अपारदर्शी
सृष्टि प्रलय
दृश्य श्रव्य
निर्जल सजल
अवैतनिक वैतनिक
निर्विवाद विवाद
कुमति सुमति
दुराशय सदाशय
अस्पृश्य स्पृश्य
बाहर घर
परकीय स्वकीय







Antonyms - 100 विलोम शब्द हिन्दी में | 1000 antonyms  in hindi



आशा निराशा
आत्मा परमात्मा
मृदु कटु
उपेक्षा अपेक्षा
मुख प्राज्ञ
इच्छा अनिच्छा
प्रकाश अंधकार
आशा निराशा
अनुराग विराग
बंधन विमोचन
उन्नति अवनति
शुभ अशुभ
कीर्ति अपकीर्ति
बाहरी घरेलू
गुण अवगुण
अपमान सम्मान
प्रवृत्ति निवृत्ति
तुच्छ महान
अनुकूल प्रतिकूल
आलस्य स्फूर्ति
संगत असगंत
अनेक एक
यश अपयश
नम्रता अभिमान
ग्रस्त मुक्त
प्रखर मंद

विलोम शब्द हिन्दी में in hindi | 

 
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गर्म सर्द
सामान्य विशिष्ट
व्यावहारिक अव्यावहारिक
प्रफुल्ल उदाय
घृणा प्रेम
विरोध समर्थन
अत्याचार सदाचार
प्रतिकूल अनुकूल
आदान प्रदान
आकाश पाताल
भूत भविष्य
सुपात्र कुपात्र
कीर्ति अपकीर्ति
आसुरी दैवी
असफलता सफलता
निर्यात आयात
आशावादी निराशावादी
आग्रह दुराग्रह
घात प्रतिघात
चंचल स्थिर
व्यक्त अव्यक्त
ज्ञात अज्ञात
असली नकली
प्रकाशित अप्रकाशित
सौम्य उघ्र
चिरंतन शात्रु
अमर मर्त्य
उपकार अपकार
आविर्भाव तिरोभाव
उक्त अनुुक्त
उत्कर्ष अपकर्ष
वाचाल शात्रु
आहूत अनाहूत
अवर प्रवर
स्थावर जंगल

Sunday, August 4, 2019

Synonym - पर्यायवाची शब्द in hindi | 9 पर्यायवाची शब्द हिंदी में | 90 Synonym


10 पर्यायवाची शब्द हिंदी |1 समानार्थी शब्द hindi me | PARYAYAVACHI




शब्द पर्यायवाची / समानार्थी शब्द
 आसन्न निकट
 उद्दततैयार
 गतिविधिकार्यप्रणाली
 मिथ्याझूठ
 दिवंगतस्वर्गवासी
व्यग्रबेचैन
 व्यापकविस्तृत
 अमृतपीयूष
 संकीर्णसंकुचित
आयुष्मानचिरजीव
 क्षमतासामर्थ्य
अचलापृथ्वी
 प्रत्यक्षप्रकट
बलिदानउत्सर्ग
 पर्याप्तबहुत
 प्राकृतिकनैसर्गिक
कृतज्ञआभारी
 नि:शब्दमौन
 परिवेशवातावरण
 मृदुलकोमल
 मधुसुदनकृष्ण
 परिणतिअंत
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 मनोजकामदेव
 दृेषवैर
 परिमलसर्वोन्तम गंध
 मांझीकेवट
 अचेतमूर्छित
 राधेयकर्ण
 धनंजयअर्जुन
 विष्णुपदीगंगा
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 धनेश्वरकुबेर
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भागिनीबहन
 बलभद्रबलराम
हालामदिरा
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दामिनीविद्दुत
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अरण्यवन
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विभाप्रभा
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सुहागिनसधवा
चंद्रमाशशि
अंजकाजल
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धरणीधरसारंग
विनायकगणेश
मछलीजलचर
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धाताविष्णु
पावकहुताशन
मयूरसारंग
केतुझंडा
घरनिकेतन
रत्नाकरसमुद
दशासनरावण
समरयुद्ध
नृपराजा
हिमांशुचंद्रमा
पुष्कारतालाब
नभचरपक्षी
देहावसानमृत्यु
उरोजस्तन
भर्ताभालू
कचबाल
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निशांतप्रभात
गजेन्द्रहाथी
तिमिरअंधेरा
रनिवासअंत:पुर
नुद्रिकाअंगूठी
ऋद्धिसमृद्धि
पुण्डरीककमल
कागकौआ
कंदरागुफा
आर्द्रगीला
दिगंबरनिर्वस्त्र
बटोहीपाथिक
देवताविबुध
बगीचाआराम
तुरंगबाजि
विंडौजाइन्द्रका
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सूर्यमार्तण्ड
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